मध्य प्रदेश के उज्जैन का एक वीडियो इन दिनों तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. इस वीडियो में एक स्कूटी पर बैठकर जा रही दो महिलाओं को तेज रफ्तार कार ने टक्कर मार दी, जिससे दोनों महिलाएं हादसे का शिकार हो गई. घायल महिलाओं को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है. इस मामले में पुलिस ने कार ड्राइवर के खिलाफ शिकायत दर्ज मामले की जांच शुरू कर दी है.
उज्जैन के साईं विहार कॉलोनी में रहने वाली शारदा बाई (56) और उनकी बहू बुलबुल अपने रिश्तेदार से मिलने के लिए स्कूटी से महानंदा नगर जा रही थी. वहीं, वह इंदौर देवास बायपास रोड से गुजर रही थी कि इस दौरान उनकी स्कूटी को एक कार ड्राइवर ने टक्कर मार दी, जो लापरवाही से तेज स्पीड में कार चला रहा था. अचानक टक्कर लगने से शारदाबाई और बुलबुल दोनों ही गाड़ी से नीचे जा गिरी और गंभीर रूप से घायल हो गई.
कार पर लगा था पुलिस का स्टीकर
घटना के समय शारदा बाई का छोटा बेटा पवन और बहु ज्योति उनके पीछे ही आ रहे थे. जिन्होंने जब मां और भाभी को दुर्घटनाग्रस्त देखा तो तुरंत उन्हें इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया और कार को खोजते हुए पुलिस लाइन पहुंच गए. क्योंकि पवन ने कार पर लगा पुलिस का स्टीकर देख लिया था. साथ ही उसका नंबर भी नोट कर लिया था. इस मामले में माधव नगर थाना पुलिस ने कार चालक के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर लिया है.
पुलिस लाइन में खड़ी थी गाड़ी
बताया जाता है कि शारदाबाई और बुलबुल गाड़ी से गिरकर घायल हो गई थी. इस घटना में शारदाबाई को हाथ, पैर और कमर में चोट आई हैं. वहीं, बुलबुल को सिर, पैर और कंधे पर चोट आई हैं. बताया जा रहा है कि दोनों ही घायल महिलाओं का अस्पताल में इलाज चल रहा है, जहां उनकी हालत अब भी गंभीर बनी हुई है. ऐसा कहा जा रहा है कि दुर्घटना के बाद कार ड्राइवर ने घायलों को अस्पताल पहुंचाने की मानवीयता दिखाने की बजाय अपनी गाड़ी तेज स्पीड से दौड़ाई और इसे ले जाकर पुलिस लाइन में खड़ा कर दिया था.
‘नहीं कराया ड्राइवर का मेडिकल’
जब पवन और उसके साथी पुलिस लाइन पर पहुंचे थे तो यहां उन्हें वही कार नजर आई थी, जो कि दुर्घटनाग्रस्त थी. जब पवन और अन्य लोगों ने इस गाड़ी से एक्सीडेंट होने की बात पुलिस को बताई तो कुछ लोगों ने उनका सहयोग करने की बजाय उसी से विवाद करना शुरू कर दिया. जिसका वीडियो भी तेजी से वायरल हो रहा है. पवन का आरोप है कि इस घटना में पुलिस ने आरोपी कार ड्राइवर के खिलाफ प्रकरण तो दर्ज कर लिया है, लेकिन ड्राइवर का मेडिकल नहीं करवाया.
जिस कार ने उसकी मां और भाभी को टक्कर मारी थी वह पुलिस ने अटैच की हुई है और उस पर पुलिस का पोस्टर भी लगा था. यही कारण है कि शुरुआती दौर में पुलिस कार्यवाही करने की बजाय चालक को बचाने में लगी हुई थी.
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