शक्तिपीठ हाईवे को मंजूरी, आदिवासी छात्रों के भत्ते दोगुने… महाराष्ट्र कैबिनेट की बैठक में कई बड़े फैसले

महाराष्ट्र

महाराष्ट्र मंत्रिमंडल की आज हुई अहम बैठक में राज्य के बुनियादी ढांचे, सामाजिक कल्याण और कर नीति से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में हुई इस हाईटेक कैबिनेट बैठक में शक्तिपीठ हाईवे परियोजना को मंजूरी दी गई, साथ ही आदिवासी छात्रावासों में रहने वाले विद्यार्थियों के लिए भत्तों में बढ़ोतरी का फैसला लिया गया.

आज की बैठक में राज्य सरकार ने महाराष्ट्र माल और सेवा कर (Goods and Services Tax Act) अधिनियम, 2017 में संशोधन करने का निर्णय लिया है. इसके तहत एक संशोधित ‘महाराष्ट्र माल और सेवा कर विधेयक’ आगामी विधानसभा सत्र में पेश किया जाएगा. यह निर्णय वित्त विभाग के अंतर्गत लिया गया है और इसका उद्देश्य राज्य के कर ढांचे को केंद्र के जीएसटी कानूनों के अनुरूप करना, टैक्स कलेक्शन की पारदर्शिता बढ़ाना और करदाताओं को बेहतर सुविधा प्रदान करना है.

महाराष्ट्र मंत्रिमंडल की बैठक में लिए गए 8 बड़े फैसले

1- महाराष्ट्र शक्तिपीठ राजमार्ग-पवनार (वर्धा जिला) से पात्रा देवी (सिंधुदुर्ग जिला) तक महाराष्ट्र-गोवा सीमा एक्सप्रेसवे को मंजूरी। यह शक्तिपीठ राजमार्ग राज्य के साढ़े तीन शक्तिपीठों, दो ज्योतिर्लिंगों और पंढरपुर अंबाजोगाई सहित 18 तीर्थ स्थलों को जोड़ता है। इस परियोजना के डिजाइन को मंजूरी के साथ-साथ भूमि अधिग्रहण के लिए 20 हजार करोड़ रुपए का प्रावधान। (लोक निर्माण विभाग)

2-आदिवासी शासकीय छात्रावासों में रहने वाले विद्यार्थियों के जीवन निर्वाह भत्ते, शैक्षणिक सामग्री क्रय भत्ते तथा भोजन भत्ते में वृद्धि की गई है। मासिक जीवन निर्वाह एवं भोजन भत्ते को दोगुना करने का निर्णय लिया गया है, तथा वार्षिक शैक्षणिक सामग्री क्रय भत्ते में भी वृद्धि की गई है। (आदिवासी विकास विभाग)

3- कोयना बांध बेस पावर हाउस परियोजना के लिए संशोधित प्रशासनिक स्वीकृति (जल संसाधन विभाग).

4- महाराष्ट्र माल और सेवा कर अधिनियम, 2017 में संशोधन करके महाराष्ट्र माल और सेवा कर विधेयक आगामी सत्र में पेश किया जाएगा.

5-सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के लिए महाराष्ट्र कर, ब्याज, जुर्माना या विलंब शुल्क के बकाया के निपटान के लिए एक संशोधन विधेयक पेश किया जाएगा.

6- बांद्रा पूर्व में हाई कोर्ट के लिए आरक्षित भूखंड पर विस्थापितों द्वारा भुगतान की जाने वाली 31 करोड़ 75 लाख रुपए की फीस माफ कर दी गई है. यहां विस्थापितों के गैर-आवासीय और आवासीय मकान सार्वजनिक निर्माण विभाग को निःशुल्क हस्तांतरित किए जाएंगे.

7- पिंपरी-चिंचवड महानगरपालिका क्षेत्र के एम. चिखली में ‘दफन भूमि’ के 1 हेक्टेयर 75 आर क्षेत्र के 40 फीसदी क्षेत्र (7000 वर्ग मीटर) को सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) के लिए उपयोग करने की मंजूरी दी गई है.

8- महाराष्ट्र शहरी अवसंरचना विकास ऋण योजना के अंतर्गत हुडको से लिए जाने वाले 2,000 करोड़ रुपए के ऋण के लिए सरकारी गारंटी प्रदान करने तथा इसके लिए गारंटी शुल्क माफ करने का निर्णय लिया गया है. इसमें छत्रपति संभाजीनगर महानगरपालिका की जलापूर्ति परियोजना के हिस्से के लिए 822 करोड़ 22 लाख रुपए, नागपुर महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण की चार मलजल निपटान परियोजनाओं के लिए 268 करोड़ 84 लाख रुपये तथा मीरा-भायंदर महानगरपालिका की जलापूर्ति परियोजना के हिस्से के लिए 116 करोड़ 28 लाख रुपए शामिल हैं.

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