लेह हिंसा में 4 मौतों पर बवाल: सोनम वांगचुक ने न्याय का सवाल उठाया, मृतकों की न्यायिक जांच की मांग

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लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा देने और छठी अनुसूची में शामिल करने को लेकर एक विरोध प्रदर्शन हुआ था. इस हिंसक विरोध में एक पूर्व सैनिक सहित चार लोगों की मौत हो गई थी. प्रदर्शन के नेतृत्वकर्ता सोनम वांगचुक ने मांग की कि इन चारों लोगों की मौत की न्यायिक जांच की जाए. यह मैसेज वांगचुक ने अपने भाई और वकील के जरिए भिजवाया, जो जेल में उनसे मिलने गए थे.

लेह में हिंसक विरोध प्रदर्शन के बाद जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को 24 सितंबर को गिरफ्तार कर लिया गया था. वांगचुक की गिरफ्तारी NSA के तहत की गई है. वांगचुक पर आरोप है कि उन्होंने जो भड़काऊ बयान दिए हैं, उसी की वजह से यह प्रदर्शन इतना उग्र हुआ.

भाई ने दी इस बात की जानकारी

एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, वांगचुक का यह मैसेज उनके भाई त्सेतन दोरजे और वकील मुस्तफा हाजी के माध्यम से दिया गया है. इन लोगों ने शनिवार को जोधपुर की सेंट्रल जेल में सोनम वांगचुक से मुलाकात की थी. इस बात की जानकारी देने वालों ने बताया कि उन्होंने लद्दाख की जनता से शांति और एकता बनाए रखने और शांतिपूर्ण तरीके से संघर्ष जारी रखने का आग्रह किया है. वांगचुक ने अपने मैसेज में कहा कि जब तक स्वतंत्र जांच का आदेश नहीं दिया जाता, तब तक वह जेल में रहने के लिए तैयार हैं.

पीड़ित परिवारों के प्रति व्यक्त की संवेदना

वागंचुक ने कहा कि मैं शारीरिक और मानसिक दोनों रूप से ठीक हूं. जिन लोगों ने मेरी चिंता की और मेरे लिए प्रार्थना की, उन सभी का धन्यवाद. उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने अपनी जान गंवाई, उनके परिवारों के प्रति मेरी हार्दिक संवेदना है. इसके आगे उन्होंने कहा कि मेरी प्रार्थनाएं उन लोगों के साथ हैं जो घायल हुए हैं और गिरफ्तार किए गए हैं.

सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि ने उनकी गिरफ्तारी को लेकर सुप्रीम कोर्ट का रुख किया. उन्होंने वांगचुक की गिरफ्तारी पर आपत्ति जताते हुए एक याचिका दायर की. यह याचिका गीतांजलि ने 2 अक्टूबर को दायर की थी. कोर्ट ने इस याचिका पर सुनवाई करने के लिए 6 अक्टूबर की तारीख तय की है.

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