उज्जैन : मालवा की लोक परंपरा अनुसार बुधवार को रंगपंचमी मनाई जा रही है। इस दौरान महाकाल मंदिर में रंग खेलने पर प्रतिबंध है। गत वर्ष होली पर केमिकलयुक्त गुलाल के उपयोग से गर्भगृह में लगी आग के बाद मंदिर समिति ने यह निर्णय लिया है।
तड़के चार बजे भस्म आरती की गई। अब शाम 7.30 बजे संध्या आरती में पुजारी भगवान महाकाल को एक-एक लोटा केसरिया रंग अर्पित कर रंगपंचमी मनाएंगे। शाम छह बजे मंदिर की परंपरा अनुसार, चल समारोह निकाला जाएगा।
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