ये हैं बेस्ट टैक्स-सेविंग FD, जो आपकी इनकम टैक्स लायबिलिटी को कर सकती हैं कम

व्यापार

वर्तमान में शेयर बाजार में जारी अस्थिरता के कारण निवेशक सुरक्षित और स्थिर रिटर्न वाले विकल्पों की ओर रुख कर रहे हैं. ऐसे में फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) और सरकार समर्थित बचत योजनाएं फिर से लोकप्रिय हो गई हैं. अगर आप सुरक्षित रिटर्न के साथ-साथ टैक्स बचत भी चाहते हैं, तो टैक्स-सेविंग फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) एक बेहतरीन विकल्प हो सकता है.

टैक्स-सेविंग फिक्स्ड डिपॉजिट क्या है?

टैक्स-सेविंग FD एक विशेष प्रकार की बैंक डिपॉजिट स्कीम है, जो आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 80C के तहत 1.5 लाख रुपये तक की कटौती का लाभ देती है. हालांकि, इस FD की लॉक-इन अवधि पांच साल की होती है, यानी इस दौरान आप अपनी जमा राशि को निकाल नहीं सकते. यह स्कीम स्थिर ब्याज दरों के साथ आती है, जिससे निवेशकों को बाजार के उतार-चढ़ाव की चिंता नहीं होती.

टैक्स-सेविंग FD की ब्याज दरें

अलग-अलग बैंकों द्वारा टैक्स-सेविंग FD पर दी जाने वाली ब्याज दरें भिन्न होती हैं.

उदाहरण के लिए: ICICI बैंक: सामान्य नागरिकों को 7.25% और वरिष्ठ नागरिकों को 7.80% ब्याज. HDFC बैंक: सामान्य नागरिकों को 7% और वरिष्ठ नागरिकों को 7.50% ब्याज. SBI: सामान्य नागरिकों को 6.5% और वरिष्ठ नागरिकों को 7.5% ब्याज.

टैक्स-सेविंग FD के फायदे

गारंटीड रिटर्न यह निवेश पर स्थिर और सुनिश्चित ब्याज प्रदान करता है. कम जोखिम बाजार की अस्थिरता से मुक्त होता है, जिससे पूंजी सुरक्षित रहती है. टैक्स बचत धारा 80C के तहत 1.5 लाख रुपये तक की टैक्स कटौती का लाभ मिलता है. वरिष्ठ नागरिकों के लिए अतिरिक्त ब्याज उन्हें सामान्य नागरिकों की तुलना में अधिक ब्याज दर मिलती है.

ध्यान देने योग्य बातें

  • पांच साल की लॉक-इन अवधि के दौरान धन नहीं निकाला जा सकता.
  • अर्जित ब्याज पर टैक्स लागू होता है, और TDS भी काटा जा सकता है.

टैक्स-सेविंग FD उन निवेशकों के लिए एक बेहतरीन विकल्प है, जो सुरक्षित रिटर्न और टैक्स बचत को प्राथमिकता देते हैं. यह निवेश आपको जोखिम रहित ग्रोथ के साथ-साथ कर लाभ भी प्रदान करता है.

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