उत्तर प्रदेश के हाथरस कांड के बाद 121 परिवारों में मातम खत्म ही नहीं हो पाया है कि इसी तरह के अंधविश्वास वाले दरबार कानपुर में भी देखने को मिल रहे हैं. लोगों के अंध विश्वास के चलते ढोंगियों की दुकानें खूब फल-फूल रही हैं. लोगों के बीच ढोगीं बाबाओं के प्रति अंध विश्वास बढ़ता जा रहा है और इसी के चलते लोग हाथरस की तरह हादसों के शिकार हो जाते हैं. कानपुर देहात के एक गांव में भी एक बाबा ने अपना मायाजाल भोले-भाले गांव के लोगों के बीच बिछा रखा है.
कानपुर देहात के भोगनीपुर तहसील के बील्हापुर पंचायत में एक छोटा सा गांव है चैन का पुरवा. इस गांव में हरिओम नाम का ढोंगी बाबा रहता है जिसमें आस-पास के क्षेत्र में अपना मकड़जाल फैला रखा है. आस्था के नाम पर अंधविश्वास के चलते हजारों की संख्या में भक्तों की भीड़ एकत्रित होती है जहां पर सुरक्षा के नाम पर सिर्फ कुछ सेवादार ही मौजूद रहते हैं. ऐसे में यहां पर इकट्ठा हो रही भीड़ किसी बड़े हादसे को न्योता दे सकती है.
बोतल में फूंक मारकर करता है इलाज
हरिओम बाबा बोतल में फूंक मारकर और तेल पर फूंक मारकर लोगों का इलाज करता है. चौंकने वाली बात तो यह है कि पानी पर फूंक मारकर मरीज को पिलाने के बाद बाबा हरिओम कैंसर -शुगर जैसी गंभीर बीमारियों का इलाज करने का दावा करता है. हरिओम बाबा को उसके अनुयायी बोतल बाबा के नाम से भी जानते हैं. भोले-भाले ग्रामीण हरिओम बाबा के झांसे में आ जाते हैं और वह उसके पास अपनी परेशानियों के हल के लिए पहुंचते हैं.
कई प्रदेश के लोग पहुंचते हैं
बोतल बाबा की मानें तो उनके दरबार में न सिर्फ आस-पास के जिलों के लोग बल्कि दूर दराज के लोभ पहुंचते हैं. बाबा का दावा है कि उनके पास दूसरे प्रदेश के लोग भी अपनी समस्याएं लेकर पहुंचते हैं और बाबा तेल-लौंग और पानी पर फूंक मारकर उनकी समस्याएं दूर करता है. लेकिन, अगर तस्वीरों को गौर से देखें तो पता चलेगा कि इस बाबा का असली काम पानी की बोतल, तेल की बोतल और लौंग सप्लाई करने का है.
What do you feel about this post?
Like
Love
Happy
Haha
Sad
