बिहार में मतदाता सूची के विशेष संक्षिप्त गहन पुनरीक्षण अभियान ने आम जनता के बीच भारी अफरातफरी मचा दी है. चुनाव आयोग द्वारा सभी मतदाताओं को 25 दिनों के भीतर पुनरीक्षण फॉर्म भरने और आवश्यक दस्तावेज जमा करने का निर्देश दिए जाने के बाद राज्यभर में हड़कंप मच गया है. राज्य के लगभग 8 करोड़ मतदाताओं को इस कार्य में शामिल किया जा रहा है, लेकिन सीमित समय और दस्तावेजों की जटिल मांग के कारण कई लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है.
पटना के अदालतगंज की तस्वीर राज्यभर के हालात की बानगी पेश करती है. यहां रहने वाले जोबा पासवान और उनके परिवार को गणना प्रपत्र तो मिल गया, लेकिन अब उन्हें इसे भरने और संबंधित दस्तावेज जुटाने की चिंता सता रही है. उनके पास केवल आधार कार्ड, राशन कार्ड और वोटर आईडी है, जबकि चुनाव आयोग द्वारा जन्म प्रमाण पत्र और आवासीय प्रमाण पत्र की भी मांग की जा रही है.
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