ताबड़तोड़ मुनाफे के बाद भी क्यों गिरा ज्वैलरी कंपनी का ये शेयर, ऐसे डूबे निवेशकों के पैसे

व्यापार

देश की जानी-मानी ज्वैलरी रिटेल कंपनी कल्याण ज्वैलर्स ने जब अपने वित्त वर्ष 2026 की पहली तिमाही (Q1) के नतीजे घोषित किए, तो मुनाफा और राजस्व दोनों में ज़बरदस्त उछाल दिखा. इसके बावजूद, शुक्रवार, 8 अगस्त को बीएसई में कंपनी के शेयरों में भारी गिरावट देखने को मिली.

इस दिन बाजार खुला तो कल्याण ज्वैलर्स का शेयर ₹615.65 पर खुलने के बाद तेजी से गिरकर ₹534.95 के निचले स्तर तक पहुंच गया. इस बीच शेयर 9.91% तक की गिरावट देखने को मिली. ऐसे में सवाल उठता है कि जब कंपनी ने इतने अच्छे नतीजे घोषित किए, तब उसके शेयर में इतनी तेज गिरावट क्यों आई? आइए जानते हैं…

कैसे रहे कंपनी के पहली तिमाही के नतीजे?

पहली तिमाही में कंपनी ने 49% की सालाना वृद्धि के साथ ₹264 करोड़ का शुद्ध मुनाफा कमाया, जबकि एक साल पहले इसी तिमाही में यह ₹178 करोड़ था. वहीं, राजस्व भी 31% बढ़कर ₹7,268 करोड़ पहुंच गया, जो पिछले साल ₹5,528 करोड़ था. इसके अलावा EBITDA में भी 38% की उछाल दर्ज हुई और यह ₹508 करोड़ रहा। EBITDA मार्जिन भी 6.7% से बढ़कर 7% हो गया.

क्या है शेयरों में गिरावट का कारण?

निवेशकों को उम्मीद थी कि मुनाफा और राजस्व में और भी तेज उछाल देखने को मिलेगा. जब उम्मीदों से थोड़ा कम प्रदर्शन होता है, तो मुनाफावसूली शुरू हो जाती है. इस कारण भी शेयरों में गिरावट देखी गई है. इसके अलावा, कंपनी के ऑनलाइन लाइफस्टाइल ज्वैलरी ब्रांड कैंडेरे ने ₹66 करोड़ का राजस्व तो कमाया, लेकिन ₹10 करोड़ का घाटा हुआ, जो निवेशकों को थोड़ा निराश कर सकता है.

एक और बड़ी वजह रही सोने की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव. कंपनी के कार्यकारी निदेशक रमेश कल्याणरमन ने भी माना कि सोने की कीमतों में अस्थिरता ने ग्राहक व्यवहार को प्रभावित किया है.

ब्रोकरेज हाउस की राय: खरीदने का मौका या खतरा?

ब्रोकरेज हाउस जेएम फाइनेंशियल ने इस शेयर पर 700 रुपए का टारगेट देते हुए BUY की सलाह दी है. ब्रोकरेज फर्म ने बताया कि कंपनी की नई रणनीति, जिसमें हर राज्य के लिए अलग क्षेत्रीय ब्रांड लॉन्च करने की योजना है, ग्राहकों को बेहतर तरीके से टारगेट करने में मदद करेगी. जहां मौजूदा कल्याण ज्वैलर्स शोरूम प्रीमियम और महत्वाकांक्षी ग्राहकों पर केंद्रित हैं, वहीं नया क्षेत्रीय ब्रांड पारंपरिक और क्षेत्रीय प्राथमिकताओं वाले ग्राहकों के लिए होगा. जेएम फाइनेंशियल का मानना है कि यह रणनीति कंपनी के कुल टारगेट मार्केट को बढ़ाएगी और लंबे समय में मजबूत ग्रोथ दे सकती है.

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