जालंधर: पंजाब के जालंधर शहर में 500 करोड़ रुपए की लागत से चल रहे एल. एंड टी. कंपनी के सरफेस वाटर प्रोजैक्ट ने शहरवासियों के लिए मुसीबतें खड़ी कर दी हैं। गुरु रविदास चौक के निकट सड़क धंसने से चार गाड़ियां, एक दूध का टैंकर, टाइलों से लदी ट्रॉली, सब्जी से भरा ट्रक और एक टैंपोफंस गए, जो पलटते-पलटते बचे। इन वाहनों को बड़ी मुश्किल से बाहर निकाला गया। इस घटना ने कंपनी और प्रशासन की लापरवाही को उजागर कर दिया है।
सतलुज दरिया के पानी को पाइपों के जरिए शहर तक लाने के इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट के तहत शहर की कई प्रमुख सड़कों की खुदाई चल रही है। इससे पूरे शहर में धूल का गुबार छाया हुआ है, जिससे लोगों का जीना मुश्किल हो गया है।
अरबों रुपए का है प्रोजैक्ट, बैरियर और सुरक्षा उपायों की कमी
एल. एंड टी. जैसी प्रतिष्ठित कंपनी होने के बावजूद, खुदाई स्थलों पर कोई बैरियर नहीं लगाए गए हैं। न ही धूल नियंत्रण के लिए पानी का छिड़काव किया जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि बैरियर लगाने से न केवल सुरक्षा बढ़ती है, बल्कि धूल का फैलाव भी कम होता है। स्थानीय लोग सवाल उठा रहे हैं कि इतने बड़े प्रोजैक्ट में इतनी बुनियादी बात की अनदेखी क्यों हो रही है।
माना जा रहा है कि अभी 25 किलोमीटर से ज्यादा सड़कों की खुदाई बाकी है। शहरवासियों ने कंपनी और प्रशासन से मांग की है कि तुरंत बैरियर लगाए जाएं, धूल नियंत्रण के लिए पानी का छिड़काव किया जाए और सड़कों को सुरक्षित बनाया जाए।
What do you feel about this post?
Like
Love
Happy
Haha
Sad
