मुस्लिम पुरुषों के चार शादियां करने को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अहम टिप्पणी दी है. कहा कि मुस्लिम पुरुष तभी दूसरी शादी करें जब वो सभी बीवियों के साथ एक समान व्यवहार कर सकें. कोर्ट ने आगे कहां- कुरान में खास वजहों से बहुविवाह की इजाजत की गई है, लेकिन कुछ पुरुष इसका अपने स्वार्थ के लिए दुरुपयोग करते हैं.
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मुरादाबाद से जुड़े एक मामले की सुनवाई करते हुए यह टिप्पणी दी है. कहा- इस्लामी काल में विधवाओं और अनाथों की सुरक्षा के लिए कुरान के तहत बहुविवाह की सशर्त इजाजत दी गई है. लेकिन, पुरुष अपने स्वार्थ के लिए इसका दुरुपयोग करते हैं.
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