किश्तवाड़ के पाडर में फिर से फटा बादल, दहशत में गांव वाले, अलर्ट मोड पर प्रशासन

हिमांचल प्रदेश

उत्तर भारत में मानसून जारी है. पहाड़ी इलाकों से बादल फटने और बाढ़ आने की खबरें लगातार सामने आ रही हैं. ताजा खबर जम्मू संभाग के किश्तवाड़ से आई है. यहां पाडर इलाके में बादल फटा है. इस हादसे के बाद इलाके की नदियों और नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ गया जिससे स्थानीय लोग दहशत में हैं. केंद्रीय मंत्री डॉक्टर जितेंद्र सिंह ने इसे लेकर सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर किया है.

उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफार्म X पर लिखा- अभी-अभी, जम्मू-कश्मीर के नेता प्रतिपक्ष और स्थानीय विधायक श्री सुनील कुमार शर्मा से हमें जानकारी मिली है पाडर के चोसिटी क्षेत्र में बादल फटा है. हमनें किश्तवाड़ के उपायुक्त श्री पंकज कुमार शर्मा से बात की. चोसिटी क्षेत्र में भीषण बादल फटने से भारी जनहानि हो सकती है.

प्रशासन तुरंत हरकत में आ गया है और बचाव दल घटनास्थल के लिए रवाना हो गया है. नुकसान का आकलन किया जा रहा है और आवश्यक बचाव एवं चिकित्सा प्रबंधन व्यवस्था की जा रही है. मेरा कार्यालय नियमित रूप से अपडेट प्राप्त कर रहा है और हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी.

कई गांवों में पानी भरने की आशंका को देखते हुए प्रशासन अलर्ट मोड पर है. प्रशासनिक टीमों ने गांव-गांव जाकर लोगों से नदियों और जलधाराओं से दूरी बनाए रखने की अपील की है. चार दिन पहले भी पाडर में बादल फटा था. इससे सजार इलाके के नाले में तेज बहाव से पानी आ गया था. तेज बहाव से चिनाब नदी का जल स्तर भी बढ़ गया था.

राजौरी में उफान पर है नदी

जम्मू-कश्मीर के राजौरी में पिछले दो दिनों से भारी बारिश के कारण नदी उफान पर है. जिला प्रशासन ने पहाड़ी इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित रहने और नदी के पास न जाने की सलाह देते हुए अलर्ट जारी किया है.

हिमाचल में भी आफत बनी बारिश

इधर, हिमाचल प्रदेश के पहाड़ों पर भी मॉनसून की बारिश कहर बनकर बरस रही है. आकाश से बरसी आफत ने राज्य के 5 इलाके शिमला, किन्नौर, लाहुल-स्पीति, और कुल्लू में तबाही मचा दी है. बादल फटने और बाढ़ के सैलाब ने घरों को निगल लिया, पुलों को तोड़ डाला, और सड़कों को तबाह कर दिया. शिमला के रामपुर में श्रीखंड महादेव के पास बादल फटने से गानवी घाटी में भारी बाढ़ आई, वहीं कुल्लू की तीर्थन घाटी में 5 गाड़ियां और चार कॉटेज बह गए. लाहुल-स्पीति की मयाड़ घाटी में 22 परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया, जबकि किन्नौर के पूह में आईटीबीपी कैंप की मशीनरी और 5 कर्मचारी फंस गए. दो नेशनल हाईवे सहित 323 सड़कें बंद हैं, और 2,031 करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है.