केंद्र सरकार की ओर से बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देने से मना करने पर सियासत गरमा गई है. सरकार का फैसला जेडीयू के लिए तगड़ा झटका माना जा रहा है, जो कि एनडीए का हिस्सा है. लोकसभा चुनाव के बाद से ही जेडीयू बिहार को विशेष राज्य के दर्जे की मांग कर रही थी. अब सरकार के फैसले पर आरजेडी नेता और राज्यसभा सांसद मनोज झा ने पलटवार किया है.
आरजेडी सांसद ने कहा कि आप बिहार को मजदूर सप्लाई प्रदेश बना कर रखना चाहते हैं. इससे पहले उन्होंने राज्यसभा में भी अपनी बात रखी. उन्होंने कहा कि बिहार को विशेष राज्य का दर्जा तो मिलना ही चाहिए साथ में स्पेशल पैकेज भी चाहिए. इन दोनों के बीच में या शब्द का इस्तेमाल नहीं होना चाहिए.
राज्यसभा में बोले- बिहार के हिस्से धूल-धूप और वर्षा
उन्होंने आगे कहा कि झारखंड के अलग होने के बाद बिहार के हिस्से में धूल-धूप और वर्षा के अलावा कुछ नहीं बचा. बिहार की प्रगति और विकास के मानदंड की जब चर्चा होती है उसे संवेदना से देखने की जरूरत है. हम बिहार के लिए विशेष राज्य का दर्जा संसद में मांगेंगे और सड़क पर मांगेंगे.
केंद्र के फैसले पर आरजेडी सुप्रीमो लालू यादव का भी बयान सामने आया. लालू यादव ने कहा कि नीतीश कुमार केंद्र और राज्य की सत्ता के लिए अपना जमीर, अपनी अंतरात्मा, बिहार की अस्मिता, बिहारवासियों की आकांक्षाओं और बिहार के वोटों की महत्ता को बेच चुके हैं! नीतीश कुमार तुरंत इस्तीफा दें, बोला था विशेष राज्य का दर्जा दिला देंगे, अब केंद्र ने मना कर दिया है.
लालू बोले- झुनझुना पकड़ा दिया
आरजेडी सुप्रीमो ने कहा कि नरेंद्र मोदी और नीतीश कुमार ने बिहार को ‘विशेष राज्य’ पर झुनझुना पकड़ा दिया! विशेष राज्य का दर्जा नहीं तो विशेष पैकेज के नाम पर ही बिहार को कुछ भी दे दें! जदयू यह कहकर हुई भाजपा के सामने नतमस्तक है. इसके अलावा आरजेडी के विधायक आलोक मेहता ने कहा कि जदयू हमेशा बिहार को विशेष दर्जे की राजनीति करता रहा है. अब नीतीश कुमार को बीजेपी गठबंधन से अलग हो जाना चाहिए.
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