इस समय यूपी का संभल जिला सुर्खियों है. सुर्खियों में इसलिए, क्योंकि पुलिस-प्रशासन दंगाइयों पर कार्रवाई तो कर ही रहा है. साथ ही माननियों पर भी कार्रवाई हो रही है. बुलडोजर कार्रवाई के साथ-साथ बिजली चेकिंग भी की जा रही है. इस चेकिंग अभियान में आम आदमियों से लेकर माननियों के घर भी बिजली विभाग की रडार पर हैं. मंगलवार को समाजवादी पार्टी के सांसद जियाउर रहमान बर्क के घर पर बिजली विभाग मीटर बदलने पहुंचा.
अधीक्षण अभियंता बीके गुप्ता ने बताया कि इससे पहले सांसद जियाउर रहमान बर्क के घर पर नॉर्मल मीटर लगा था, जिसे बदलकर इलेक्ट्रॉनिक मीटर लगाया जा रहा है. सांसद के घर पर तीन बिजली के कनेक्शन थे. तीनों मीटर को सील किया जा रहा है और जांच की जाएगी कि इससे बिजली चोरी होती थी या नहीं. अधीक्षण अभियंता बीके गुप्ता का कहना है कि इससे पहले जब भी पुलिस इन इलाकों में आती थी तो विरोध का सामना करना पड़ता था और इस इलाके में करीब 70% कटिया से बिजली चोरी की जाती है.
बिजली विभाग ने लगाया डिजिटल मीटर
बिजली विभाग की कार्रवाई के दौरान मंगलवार को सपा सांसद जियाउर रहमान बर्क के घर बड़ी संख्या में पुलिस और आरएएफ की टीम पहुंची. सांसद सांसद जियाउर रहमान बर्क के पिता ममलूक-उर-रहमान बर्क ने बताया कि बिजली विभाग के लोग पुराना बिजली का मीटर हटाकर डिजिटल मीटर लगा रहे हैं, लेकिन इसके लिए पुलिस का आना गलत है. उन्होंने पुलिस पर आरोप लगाते हुए कहा कि पुलिस संभल में शांति नहीं चाहती. हर तरफ पुलिस ही पुलिस है. बिजली का मीटर लगाने के लिए बिजली विभाग ही काफी है तो फिर आखिर पुलिस क्यों आई?
बिजली चोरी की 3 महीने में 1250 FIR
बता दें कि संभल जिले में पिछले तीन महीनों बिजली चोरी मामले में पुलिस ने 1250 FIR दर्ज की हैं. 5 करोड़ 20 लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया है. पिछले दो दिनों में 90 FIR की गई हैं, जिनमें से चार मस्जिद और एक मदरसे से बिजली चोरी पकड़ी गई है. इन दो महीनों में लगभग एक करोड़ 75 लाख का जुर्माना लगाया गया है.
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