सुप्रीम कोर्ट ने नोएडा अथॉरिटी को जमकर फटकार लगाई है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि आपको सिर्फ अपने पैसे की चिंता है, जो लोग सालों से किराए के मकान में रहने के लिए मजबूर हैं. उन हजारों फ्लैट बायर्स से आपका कोई लेना-देना नहीं है? नोएडा में हजारों लोग ऐसे हैं, जिन्होंने अपने घर के लिए पैसे दिए, फिर भी उनको 10 सालों से किराए के मकान में रहना पर रहा है. नोएडा कि रियलटी कंपनी सुपरटेक में हजारों लोगों के पैसे फंस गए हैं.
क्या है मामला?
नोएडा की रियल एस्टेट कंपनी सुपरटेक दिवालिया हो गई है, जिसमें हजारों लोगों के पैसे फंस गए है. NCLAT ने नेशनल बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन कंपनी यानी NBCC को सुपरटेक के अधूरे 16 प्रोजक्ट को पूरा करने की इजाजत दी गई थी, जिसके विरोध में नोएडा अथॉरिटी ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी. अथॉरिटी ने कहा कि इससे उसके पैसों का क्या होगा. याचिका पर सुनवाई सोमवार हो हुई, जिसमें सुप्रीम कोर्ट ने नोएडा अथॉरिटी की जमकर क्लास लगा लगाई. कोर्ट ने कहा कि ये प्रोजेक्ट जो अधूर रहा इसमें आपके अधिकारी खुद जिम्मेदार हैं.
हजारों बायर्स के फंसे हैं पैसे
हजारों लोग ऐसे हैं, जिन्होंने फ्लैट खरीदने के लिए पैसे तो दिए लेकिन उन्हें फ्लैट मिल नहीं पाया. NCLAT ने अधूरे प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए जब NBCC को इजाजत दी, तब नोएडा अथॉरिटी ने उसका विरोध किया. अथॉरिटी की ओर से सुप्रीम कोर्ट में कहा गया कि अगर प्रोजेक्ट को NBCC को सौंपा जाएगा, तो उनके फंसे पैसों का क्या होगा. इस पर सुप्रीम ने अथॉरिटी की क्लास लगाते हुए कहा कि आपको अपने पैसों की चिंता है, लेकिन जिन हजारों लोगों के पैसे फंस गए हैं उनका क्या होगा. इस मामले में आपके अधिकारी खुद जिम्मेदार हैं. आगे सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वह मामले पर SIT के गठन करने को लेकर विचार कर रहे हैं, जिससे दोषियों पर कार्रवाई की जा सके.
10 साल से परेशान हैं लोग
सुप्रीम कोर्ट ने नोएडा अथॉरिटी से पूछा कि आपने रियल एस्टेट को जमीन देने के लिए ऐसा सिस्टम क्यों बनाया जो कि एजेंटो के पक्ष में था. इसी के चलते घर खरीदने वालों को 10 साल तक परेशान होना पड़ा.
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