आप नशे में हो, अंदर जाओ- बेटे की इस बात पर पिता को आया गुस्सा, निकाली पिस्टल और दबा दिया ट्रिगर

उत्तर प्रदेश

उत्तर प्रदेश के आगरा में एक दिल दहलाने वाली घटना हुई है. यहां शराब के नशे में धुत एक रिटायर्ड फौजी ने अपने सगे बेटे की गोली मारकर हत्या कर दी है. 14 वर्षीय इस बेटे की गलती केवल इतनी भर थी कि घर के बाहर नशे में हंगामा कर रहे पिता को टोक दिया था. उन्हें कह दिया था कि ‘आप अंदर जाओ, यहां लोग तमाशा देख रहे हैं’. इसके बाद आरोपी दौड़ते हुए घर में घुसा और दो मिनट बाद ही पिस्टल लेकर बाहर निकला. इसके बाद बेटे को गाली देते हुए उसके सीने में गोली मार दी.

यह वारदात आगरा सदर थाना क्षेत्र के राजपुर चुंगी में बुधवार शाम की है. सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर बेटे का पोस्टमार्टम कराया है. पुलिस ने मामले की प्राथमिक जांच के बाद बताया कि राजपुर के उखर्रा में रहने वाला धीरज गुर्जर सेना से रिटायर्ड है. वह आए दिन शराब पीकर परिजनों के साथ झगड़ा करता था. बुधवार की सुबह भी उसने शराब पीकर अपनी पत्नी के साथ झगड़ा किया. लोगों ने एक दो-बार बीच बचाव भी किया, लेकिन आरोपी पूरे दिन शराब के नशे में धुत रहा.

बाहर हंगामा करने पर बेटे ने टोक दिया था

शाम को वह एक बार फिर अपने घर के बाहर खड़े होकर गाली गलौज करने लगा. इसी बीच 9 वीं कक्षा में पढ़ने वाला उसका बेटा विवेक आ गया. पिता की हालत देखकर उसने कह दिया कि आप नशे में हो, घर में जाकर आराम करो. यहां मुहल्ले के लोग तमाशा देख रहे हैं. बेटे की बात धीरज को नागवार लगी और वह दौड़ते हुए घर के अंदर गया और दो मिनट में ही पिस्टल लेकर बाहर निकला. उसने पहले बेटे के साथ गाली गलौज की और उसके सीने में गोली दाग दी.

परिजनों ने पहुंचाया अस्पताल

गोली लगते ही विवेक जमीन पर गिर तड़पने लगा. फायर की आवाज सुनकर घर के अंदर आरोपी की पत्नी सुधा और छोटा बेटा नितिन दौड़ कर आए. देखा कि विवेक तो जमीन पर गिर कर तड़प रहा है, वहीं आरोपी हाथ में पिस्टल लेकर वहां से भाग रहा है. आनन फानन में परिजनों ने विवेक को अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया है. अस्पताल से ही सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है.

बेटे के जन्म पर खुद अपने हाथों बांटी थी मिठाई

वहीं इस मामले में पुलिस ने रिटायर्ड फौजी धीरज के खिलाफ हत्या की धाराओं में केस दर्ज किया है. पुलिस की पूछताछ में पड़ोसियों ने बताया कि जब विवेक पैदा हुआ था, सबसे ज्यादा खुश धीरज ही था. उसने अपने हाथों से पूरे गांव में मिठाई बांटी थी. चूंकि कुछ समय से वह शराब के नशे में धुत रहने लगा था, और इसी नशे में उसने खुद अपना ही घर उजाड़ लिया. एसीपी सदर डॉ. सुकन्या शर्मा ने बताया कि आरोपी धीरज अक्सर मुहल्ले वालों के सामने अपने परिजनों के साथ कलह करता था. यह बात उसके बेटे विवेक को पसंद नहीं थी. इसलिए वह अक्सर टोक देता था.

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