उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले में हत्याओं का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है. जिले में बीते एक सप्ताह के अंदर 7 हत्याएं हो चुकी हैं. अपराधियों द्वारा धर्म कांटा पर सो रहे मजदूर को हथौड़े से पीट-पीटकर घायल कर दिया गया और फिर घटना को अंजाम देकर फरार हो गए. इसके बाद ट्रामा सेंटर में इलाज के दौरान मजदूर की मौत हो गई. पुलिस पूरे मामले में धर्म कांटा के मालिक की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर जांच में जुटी हुई है.
पहली वारदात में दलित मृतक सुनील भारतीय और उसकी पत्नी पूनम भारतीय सहित चार लोगों को बदमाशों ने गोलियों से भून कर मौत के घाट उतार दिया गया था. वही मामले में राजनीति भी हुई बावजूद इसके हत्या की घटना जिले में नहीं रुकी. लोग सुनील के परिवार की मौत को भूले ही नहीं थे कि अगली घटना 09 अक्टूबर को घट गई. कुछ लोगों ने बाजार शुकुल थाना क्षेत्र के संसारपुर गांव के पूर्व प्रधान शिव नारायण सिंह को पीट पीटकर घायल कर दिया.
नहीं रुक रही हत्या की घटना
जिसके बाद इलाज के दौरान पूर्व प्रधान की मौत हो गई. छठीं हत्या भी आरोपियों ने बाजार शुकुल थाना क्षेत्र में ही की थी. एक के बाद एक हो रही हत्या की घटनाओं से लोगों में डर का माहौल है. गुरुवार को अपराधियों ने 7वीं हत्या की घटना को अंजाम दिया है. पीपरपुर थाना क्षेत्र के मई गांव के रहने वाले जेसीबी चालक विमलेश तिवारी धर्म कांटा पर नौकरी कर अपने परिवार का पेट पालते थे. शुक्रवार की रात दबंगो ने हथौड़े से पीट-पीटकर विमलेश तिवारी को बुरी तरह घायल कर दिया, जिसके बाद विमलेश की इलाज के दौरान मौत हो गई.
इलाज के दौरान हुई मजदूर की मौत
मृतक विमलेश तिवारी घर में अकेले कमाने वाले व्यक्ति थे. जनपद में जिस तरह से क्राइम रफ्तार पकड़ रहा है. ऐसे में अमेठी पुलिस अधीक्षक अनूप सिंह के लिए क्राइम रोकना एक चुनौती बन गया हैं. पूरी घटना को लेकर को मुसाफिरखाना के सर्किल सीओ अतुल कुमार सिंह ने बताया कि धर्म कांटा पर सो रहे मजदूर को सोते समय मारपीट कर घायल कर दिया गया था.घायल मजदूर को इलाज के लिए सीएचसी लाया, जहां से डॉक्टरों ने मजदूर की गंभीर हालत को देखते हुए ट्रामा सेंटर रेफर किया, लेकिन मजदूर की मौत हो गई.
पुलिस ने मजदूर के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. साथ ही संदिग्ध आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है.
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