उत्तर प्रदेश के औरैया से छुआछूत और भेदभाव को मिटाने की दिशा में एक अनोखी पहल सामने आई है. यहां एक 60 वर्षीय ब्राह्मण समाज के बुजुर्ग ने छुआछूत और भेदभाव मिटाने के लिए अंबेडकर जयंती के मौके पर 101 दलित कन्याओं के पैर धोकर उन्हें भोजन कराया है. साथ ही कन्याओं से आशीर्वाद लिया है. बुजुर्ग का कहना है कि वह अलग-अलग दलित गांवों में जाकर इस कार्यक्रम को आगे बढ़ाएंगे. इस पहल की पूरे इलाके में चर्चा शुरू हो गई है.
औरैया के फफूंद थाना क्षेत्र के जगजीवनपुर गांव में भारत रत्न बाबा साहब डॉक्टर भीमराव अंबेडकर की जयंती पर अंबेडकर प्रतिमा के पास दलित कन्याओं को भोज कराने का कार्यक्रम आयोजित किया गया. इस दौरान गमनामऊ के रहने वाले 60 वर्षीय ब्राह्मण रामकृपाल दीक्षित ने दलित कन्याओं के पैर धोकर उनका आशीर्वाद लिया और उनकी आर्थिक मदद की. उन्होंने कहा की समाज में बौद्धिक जागरूकता लाने की जरूरत है.
‘PM नरेंद्र मोदी से मिली प्रेरणा’
तभी समाज से कुरीतियां दूर होगी और सर्व समाज में एकजुटता होगी. दीक्षित ने कहा कि हम यही चाहते हैं कि सभी समाज एक मंच पर आए और सनातनीय सोच को आगे बढ़ाएं. अब यह कार्यक्रम अनवरत जारी रहेगा. वह अब अलग-अलग दलित गांवो में जाकर यह कार्यक्रम करने की बात कह रहे हैं. रामकृपाल दीक्षित ने बताया कि यह प्रेरणा उनको देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिली है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कुंभ के दौरान सफाई कर्मचारियों के पैर धोकर एक नई परंपरा शुरू की थी.
134 वीं जयंती
उसी को देखते हुए हमने भी हिन्दू समाज में एकता का संदेश दिया है. कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे. गांववालों इस दौरान काफी खुश नजर आए हैं. इस तरह की पहल से समाज में एकता का भाव बढ़ेगा. इस कार्यक्रम की खास बात यह है कि इसका आयोजन डॉक्टर भीमराव अंबेडकर की जयंती पर किया है. आज यानी सोमवार को देशभर में बाबा साहेब डॉ भीमराव अम्बेडकर की 134 वीं जयंती बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाई जा रही है.
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