काशी में मृत्यु भी एक उत्सव… 350 साल पुरानी है परंपरा, मणिकर्णिका घाट पर नगर वधुएं देती हैं ‘नृत्यांजलि’
काशी में नवरात्र पर साढ़े तीन सौ साल पुरानी अद्भुत परंपरा देखने को मिली, जिसमें नगर वधुएं बाबा मसान नाथ को अपनी नृत्यांजलि अर्पित करती हैं. धधकती हुई चिताओं के बीच ये प्रस्तुति होती हैं. जिसमें ये मान्यता भी सही साबित होती नजर आती है कि काशी में मृत्यु भी एक उत्सव है. नवरात्र की सप्तमी को शाम में बाबा महाश्मशान नाथ को समर्पित नगर वधुओं का नृत्य-संगीत देख हर कोई अचंभित हो जाता है. दरअसल नगर वधुएं पहले स्वरंजली प्रस्तुत करती हैं, फिर शुरू होता है धधकती चिताओं के बीच घुंघरुओं की झंकार का सिलसिला. जिंदगी और मौत का […]
Read More