सीबीआई की टीम ने मुंबई से एक ऐसे जालसाज को अरेस्ट किया है, जो यहां बैठकर अमेरिकी नागरिकों के साथ ठगी करता था. अमेरिकन खुफिया एजेंसी एफबीआई के इनपुट पर सीबीआई ने यह कार्रवाई दो साल पहले एक अमेरिकन नागरिक से हुई करीब साढ़े 4 लाख डॉलर की ठगी के मामले में की है. इस आरोपी की पहचान विष्णु राठी के रूप में हुई है. उसी समय से एफबीआई इस जालसाज को ट्रैक कर रही थी. सही लोकेशन और इनपुट मिलने पर एफबीआई ने भारत में सीबीआई को सांझा किया और अब उसी इनपुट के आधार पर सीबीआई ने आरोपी को अरेस्ट किया है.
सीबीआई की पूछताछ में इस जालसाज ने इसी तरह की कई अन्य वारदातों का भी खुलासा किया है. आरोपी ने बताया कि वह करीब पांच साल से इसी तरह से ठगी की वारदातों को अंजाम देता आ रहा है. आरोपी ने सीबीआई को बताया कि जून 2022 में उसने अमेरिकन नागरिक के कंप्यूटर का रिमोट एक्सेस लेकर हैक कर लिया था. इसके बाद तकनीकी मदद की आड़ में आरोपी ने अमेरिकी नागरिक से करीब 4 लाख 55 हजार डॉलर अपने क्रिप्टोकरेंसी वॉलेट में ट्रांसफर करा लिए थे.
मुंबई से ऑपरेट कर रहा था आरोपी
इस संबंध में पीड़ित ने अमेरिका की पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी. चूंकि मामला इंटरनेशनल था, इसलिए वहां की पुलिस ने केस एफबीआई को ट्रांसफर कर दिया था. एफबीआई ने मामले की जांच की तो पता चला कि आरोपी ने मुंबई में बैठकर इस वारदात को अंजाम दिया है और इस समय भी वह मुंबई से ऑपरेट कर रहा है. इसके बाद एफबीआई ने सीबीआई को इस जालसाज के बारे में इनपुट दिया. वहीं, सीबीआई ने मामले की जांच करते हुए आरोपी को अरेस्ट किया है.
करोड़ों का माल बरामद
सीबीआई के सूत्रों के मुताबिक आरोपी द्वारा अंजाम दिया गया यह कोई इकलौता मामला नहीं है. इसके अलावा भी आरोपी ने दर्जन भर वारदातों को अंजाम दिया है. सीबीआई ने आरोपी की निशानदेही पर उसके पास से 100 ग्राम की 57 सोने की छड़ें, 16 लाख रुपये नकद, मोबाइल फोन, क्रिप्टोकरेंसी के लिए इस्तेमाल किया गया लैपटॉप, लॉकर विवरण और अन्य दस्तावेज बरामद किए हैं.
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