माघ पूर्णिमा से पहले प्रयागराज महाजाम में फंसा हुआ है. शहर में हजारों वाहन फंसे हुए हैं. देश के हर हिस्से से लोग महाकुंभ में त्रिवेणी स्नान के लिए आए हुए हैं. भारी भीड़ से हालात खराब हो चुके हैं. भीड़ से मेला प्रशासन की सारी व्यवस्थाएं ध्वस्त हो चुकी हैं. उनके रूट प्लान के दावे खोखले साबित हुए हैं. संगम स्थल तो दूर अब लोगों को प्रयागराज पहुंचना मुश्किल हो रहा है. आंकड़ों के मुताबिक, प्रत्येक घंटे में करीब 8 हजार वाहन प्रयागराज पहुंच रहे हैं. शहर के सभी मार्गों पर कई किलोमीटर लंबा जाम देखा जा सकता है.

जाम से निपटने के लिए पुलिस और प्रशासन के हाथ-पांव फूले हुए हैं. निजी वाहनों और बसों ने चक्का जाम जैसे हालात पैदा कर दिए हैं. वाहन रेंगते नजर आ रहे हैं. वाहनों को सीमावर्ती जिलों और दूसरे राज्यों की ओर डायवर्ट किया जा रहा है. भारी भीड़ को देखते हुए प्रयागराज की सीमा से लगने वाले जिलों के पुलिस प्रशासन ने भी कमान संभाली हुई है. वह जिले के बॉर्डर से लोगों को वापस जाने की अपील करते नजर आ रहे हैं.

हर घंटे 8 हजार वाहन

महाकुंभ में पवित्र स्नान के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है. यह निरंतर बढ़ती जा रही है. वाहनों के कारण पूरा प्रयागराज जाम से जूझ रहा है. महाकुंभ आने के लिए प्रमुख हाइवे 9 हैं, जो हजारों वाहनों से जाम हुए पड़े हैं. हालत बद से बदतर हो चुके हैं. 5 किलोमीटर की दूरी लगभग 2 घंटे में पूरी हो रही है. रविवार को तो यातायात व्यवस्था बुरी तरह चरमरा गई. हर घंटे हजारों वाहन वाराणसी, लखनऊ, कानपुर, कौशांबी, मिर्जापुर, रीवां, जौनपुर, प्रतापगढ़ की ओर से प्रयागराज आ रहे हैं. पुलिस प्रशासन को दिन में कई बार भदोही में लालानगर टोल प्लाजा को फ्री करना पडा. लोग कई किलोमीटर तक पैदल चल रहे हैं.

प्रति घंटे में पहुंच रहे हजारों वाहन

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पुलिस अधिकारीयों ने बताया कि टोल प्लाजा से मिले डाटा के आधार पर लखनऊ हाइवे से प्रयागराज आने वाले वाहनों की प्रति घंटा संख्या 1500 से 2000 हैं. इनके अलावा वाराणसी हाइवे से करीब 1500 वाहन, रीवां-चित्रकूट हाइवे की ओर से लगभग 2000 वाहन आ रहे हैं. एसपी अभिमन्यु मांगलिक के मुताबिक, प्रयागराज की ओर हाईवे से 24 घंटे में 40 हजार वाहन, वहीं वाराणसी की ओर से 20 हजार वाहन गए हैं.

ऐसे बच सकते हैं जाम से

  • जाम से बचने के लिए लोग निजी वाहन से महाकुंभ में जाने से बचे. इसके लिए रेल और बस और हवाई सफर का इस्तेमाल कर सकते हैं.
  • जो लोग संगम स्थल पर हैं और जाम की वजह से निकलने में असमर्थ हैं वह वहीं किसी भी आश्रम में ठहरकर भीड़ कम होने का इंतजार कर सकते हैं.
  • निजी वाहन से अगर पहुंच गए हैं तो वह लोग नजदीकी पार्किंग में गाड़ी पार्क कर ऑटो या पैदल संगम स्थल तक जा सकते हैं.

कहा हैं पार्किंग?

  • कानपुर की ओर से आने वाले श्रद्धालु नवाबगंज, मलाक हरहर, सिक्सलेन होते हुए बेली कछार और बेला कछार एक या दो में पार्क कर सकेंगे.
  • कौशांबी मार्ग से शहर में प्रवेश होने वाले वाहन नेहरू पार्क व एयरफोर्स मैदान पार्किंग में पार्क कर सकेंगे.
  • प्रतापगढ़ और लखनऊ की ओर से आने वाले बेली कछार व बेला कछार दो तक वाहनों को पार्क कराया जाएगा, यहां से ई-रिक्शा समेत अन्य वाहनों से आगे जा सकेंगे.
  • जौनपुर-प्रयागराज मार्ग पर सहसों से गारापुर होते हुए आना होगा. चीनी मिल पार्किंग झूंसी और पूरे सूरदास पार्किंग गारा रोड पर वाहनों को पार्क करना होगा.
  • वाराणसी से प्रयागराज आने वाले श्रद्धालु कनिहार रेलवे अंडरब्रिज से शिवपुर उस्तापुर पार्किंग, पटेल बाग, कान्हा मोटर्स पार्किंग में वाहनों को पार्क कर सकेंगे.
  • मिर्जापुर मार्ग से आ रहे हैं, तो देवरख उपरहार और सरस्वती हाईटेक पार्किंग तक आने की अनुमति रहेगी.
  • रीवा मार्ग से आने वाले नैनी एग्रीकल्चर इंस्टीट्यूट और नव प्रयागम पार्किंग एरिया में पार्क कराए जाएंगे.
  • सहसों से अंदावां होते हुए शटल बस की व्यवस्था है. सरस्वती द्वार से पार्किंग और सरस्वती हाईटेक से अरेल तक पार्किंग की व्यवस्था है.