पश्चिम बंगाल से लेकर महाराष्ट्र तक जारी सियासी उथल-पुथल ने भारतीय राजनीति की तस्वीर बदल दी है। टीएमसी के 20 और शिवसेना (UBT) के 6 सांसदों के पाला बदलने के बाद NDA गठबंधन लोकसभा में और अधिक मजबूत हो गया है। 2024 के परिणामों के बाद जो NDA कमजोर नजर आ रहा था, वह अब संवैधानिक संशोधनों के लिए जरूरी आंकड़ों के करीब पहुंचता दिख रहा है।
📊 विपक्ष के पास बचा कितना जनाधार?
आंकड़ों के अनुसार, विपक्ष (INDIA गठबंधन) को पिछले कुछ महीनों में भारी नुकसान हुआ है:
-
टीएमसी: 20 सांसदों के अलग होने के बाद अब 8 सांसद शेष।
-
शिवसेना (UBT): 6 सांसदों के बागी होने के बाद मात्र 3 सांसद बचे।
-
डीएमके: गठबंधन से अलग होने का ऐलान, 22 सांसदों का समर्थन कम। इन इस्तीफों और बगावत के बाद INDIA गठबंधन के पास अब कुल 187 सांसद बचे हैं, जो विपक्षी एकजुटता पर बड़े सवाल खड़े कर रहे हैं।
🔢 NDA का जादुई आंकड़े की ओर सफर
संविधान संशोधन विधेयक को पारित करने के लिए 360 सांसदों (दो-तिहाई बहुमत) की आवश्यकता होती है। वर्तमान स्थिति यह है:
-
NDA के पास मौजूदा संख्या: 293 सांसद।
-
संभावित वृद्धि: टीएमसी के 20 बागी, शिवसेना (UBT) के 6 बागी और डीएमके के 22 सांसदों के समर्थन से यह आंकड़ा 341 तक पहुंच सकता है।
-
अप्रैल में हुए मतदान के दौरान मिले 5 अतिरिक्त समर्थन को जोड़ने पर NDA 346 के जादुई आंकड़े के करीब पहुंच सकता है, जो दो-तिहाई बहुमत से महज 14 वोट कम है।
🏛️ राज्यसभा में भी बढ़ रही ताकत
उच्च सदन (राज्यसभा) में भी NDA बहुमत के और करीब पहुंच रहा है। कुल 242 सीटों में से बहुमत के लिए 122 और दो-तिहाई के लिए 164 वोटों की जरूरत होती है। वर्तमान में NDA के पास 148 सांसद हैं, जो विपक्षी गठबंधन (64 सांसद) के मुकाबले काफी अधिक है।
What do you feel about this post?
Like
Love
Happy
Haha
Sad
