Chhattisgarh Assembly: प्रश्नकाल में गूंजा राशन कार्ड ई-केवाईसी का मुद्दा, खाद्य मंत्री के जवाब पर भड़का विपक्ष; सदन में भारी हंगामा और वॉकआउट

छत्तीसगढ़

रायपुर: बजट सत्र में विपक्ष लगातार सरकार पर हमलावर है. सोमवार को प्रश्नकाल के दौरान एक बार फिर विपक्ष ने अपने तीखे तेवरों से सत्ता पक्ष को सदन में बहस की कड़ी चुनौती दी. विपक्ष ने सत्ता पक्ष से पूछा कि आप पीडीएस सिस्टम को चाक चौबंद करने की बात करते हैं, लेकिन हजारों लोग ऐसे हैं जो राशन के लिए आज भी दर-दर की ठोकरें खा रहे हैं.

राशन कार्ड और ई-केवाईसी को लेकर सदन में संग्राम

विपक्ष की ओर से मोर्चा संभालते हुए पाटन विधायक भूपेश बघेल ने कहा कि खाद्य मंत्री को सदन में बताना चाहिए कि कितने नए राशन कार्ड गांव में बनाए गए हैं, या बांटे गए हैं. विधायक शेषराज हरवंश, बालोद विधायक संगीता सिन्हा और भूपेश बघेल ने कहा कि बस्तर संभाग सहित कई ऐसे जिले हैं, जहां मोबाइल और बंद पड़ जाता है. इंटरनेट की पहुंच खत्म हो जाती है. पीडीएस दुकान पर पीओएस मशीन काम नहीं करता है. ऐसे में गरीबों को उनके हक का राशन नहीं मिल पाता, ई-केवाईसी होना तो उससे भी बड़ी समस्या है.

विपक्ष ने पूछा कितने लोगों के नाम राशन कार्ड से हटे

विपक्ष ने पूछा कि खाद्य मंत्री ये बताएं कि अबतक कितने राशन कार्ड से नाम काटे गए हैं. विपक्ष ने ये पूछा कि ई-केवाईसी के लिए पिछले 2 महीनों से दौड़ रहे ग ग्रामीणों की इस महीने अगर ई-केवाईसी हो जाती है, तो क्या उनको पिछले दो महीने का राशन भी इसके साथ ही दिया जाएगा. इसके जवाब में खाद्य मंत्री दयालदास बघेल ने कहा कि हां पिछले दो महीने का पेंडिंग राशन भी तीसरे महीने उनको एक साथ दिया जाएगा, ऐसी व्यवस्था है. इसपर विपक्ष ने कहा कि कई जगहों पर सर्वर डाउन होने से राशन मिलने में परेशानी हो रही है, इसपर शासन को ध्यान देना चाहिए.

पेंडिंग केवाईसी को लेकर सदन को दी खाद्य मंत्री ने जानकारी

खाद्य मंत्री दयालदास बघेल ने कहा कि जिन लोगों का ई-केवाईसी नहीं हुआ है वो राशन दुकान पर आएंगे तो वहां पर ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी. खाद्य मंत्री ने कहा कि जिनके पास राशन कार्ड है और केवाईसी पेंडिंग है वो राशन दुकान पर आएंगे तभी ये काम हो पाएगा. खाद्य मंत्री ने सदन को जानकारी देते हुए बताया कि 16 लाख 24 हजार ई-केवाईसी अबतक पूर्ण किया जा चुका है. करीब 64 हजार 628 लोगों के नाम छूटे हुए हैं, ये वो लोग हैं जिनकी उम्र 5 से कम है. जबकि 15 हजार 758 लोगों का ई-केवाईसी कंप्लीट ही नहीं हुआ है, ये वो लोग हैं जो प्रक्रिया पूरी करने के लिए उपस्थित ही नहीं हुए हैं. खाद्य मंत्री ने कहा कि जिनको शिकायत है वो राशन दुकान पर आएंगे तो प्रक्रिया पूरी हो जाएगी.

पाटन विधायक भूपेश बघेल ने दिया खड़ता गांव का उदाहरण

खाद्य मंत्री दयालदास बघेल के जवाब पर पाटन विधायक भूपेश बघेल ने कहा कि उन्होने एक दिन खड़ता गांव में देखा कि कई लोग सड़क पर खड़े हैं. बघेल के पूछने पर ग्रामीणों ने बताया कि यहां पर ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी करने के लिए आए हैं. गांव वालों ने बघेल को बताया कि गांव में नेटवर्क नहीं मिलता है. ऐसे में सड़क पर आकर ही उनको काम करवाना पड़ता है. बघेल ने सदन में कहा कि ये सिर्फ खड़ता गांव की हालत नहीं है बल्कि जशपुर जिले के कई गांव में ऐसे ही हालात हैं.

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