महाराष्ट्र कैडर की आईएएस अधिकारी पूजा खेडकर की नौकरी खतरे में है. उन्हें बर्खास्त किया जा सकता है. ट्रेनी आईएएस अफसर पूजा पर फर्जी तरीके से नौकरी लेने और अपने पद का दुरुपयोग करने का आरोप है. इसके अलावा उनके खिलाफ तथ्यों को छुपाने और गलतबयानी का भी आरोप है. अगर ये सारे आरोप सही पाए जाते हैं तो उनके खिलाफ आपराधिक कार्रवाई हो सकती है.
केंद्र सरकार ने पूजा से जुड़े मामलों की जांच के लिए एक समिति का गठन कर दिया है. डीओपीटी के अतिरिक्त सचिव मनोज द्विवेदी ने जांच शुरू कर दी है. दो हफ्ते में जांच होगी पूरी. अगर वो दोषी पाईं गईं तो उन्हें बर्खास्त किया जा सकता है. उनकी नौकरी भी जा सकती है. पद का दुरुपयोग करने की वजह से बीते दिनों पूजा का ट्रांसफर पुणे से वाशिम कर दिया गया था.
नखरेबाजी बनी IAS पूजा की आफत
प्रोबेशन के दौरान IAS पूजा की नखरेबाजी बहुत थी. पूजा को लेकर विवाद तब खड़ा हुआ जब उन्होंने अपनी प्राइवेट ऑडी कार पर नीली बत्ती और लाल बत्ती लगवा लीं. प्रोबेशन के दौरान ही इन्होंने अपनी ऑडी पर महाराष्ट्र सरकार भी लिखवा लिया. ज्वाइंग के बाद से ही पूजा अपने पद का दुरुपयोग करने लगीं और तरह तरह की डिमांड करने लगीं.
पूजा पुणे में अस्सिटेंट कलेक्टर के रूप में प्रोबेशन पर थीं. इस दौरान वह उन चीजों की डिमांड कर रही थीं, जो प्रोबेशन के दौरान उन्हें नहीं मिल सकती थी. इसके बाद उनका ट्रांसफर पुणे से वाशिम कर दिया गया.
पूजा खेडेकर का एक और कारनामा
नवी मुंबई पुलिस ने महाराष्ट्र गृह विभाग को एक रिपोर्ट सौंपी है, जिसमें कहा गया है कि आईएएस प्रोबेशनरी अधिकारी पूजा खेडकर ने स्टील चोरी मामले में गिरफ्तार अपने रिश्तेदार को रिहा करने के लिए नवी मुंबई पुलिस पर दबाव डाला है. उन्होंने मई में नवी मुंबई पुलिस के डीसीपी को फोन किया था. नवी मुंबई पुलिस ने यह रिपोर्ट बुधवार को भेजा है.
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