मिलावटी कफ सिरप के पीने से कई बच्चों की मौत के बाद देश के ज्यादातर राज्य अलर्ट मोड पर हैं. सबसे ज्यादा खराब स्थिति मध्य प्रदेश में है. मध्य प्रदेश में कफ सिरप से हुई मौतों के सिलसिले में एक डॉक्टर को गिरफ्तार भी कर लिया गया है. हालांकि इस गिरफ्तारी का इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) ने निंदा की है. गिरफ्तारी को लेकर आईएमए ने कहा कि कफ सिरप की मंजूरी और उसकी गुणवत्ता की निगरानी पूरी तरह से औषधि नियामक प्रणाली के दायरे में आती है. सिरप से हुई मौतों की जिम्मेदारी अधिकारियों और कंपनियों की है.
आईएमए ने कल सोमवार को जारी अपने एक बयान में कहा कि इस मामले में, केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (Central Drugs Standard Control Organisation, CDSCO) और मध्य प्रदेश खाद्य एवं औषधि प्रशासन कफ सिरप में डीईजी (Diethylene Glycol) की सांद्रता की निगरानी करने में नाकाम रहे. उसने कहा कि केंद्र और राज्य दोनों अधिकारियों की प्रतिक्रिया जनता में भरोसा जगाने की जगह समस्याएं पैदा कर रही है.
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