जबलपुर। कटंगी के पास तुल्लाबाबा की पहाड़ी पर मृत मवेशियों के कंकाल मिलने के 24 घंटे में ही प्रशासन ने जांच पूरी कर ली है। प्रशासन ने माना कि पहाड़ी पर 57 जानवरों के अवशेष मिले थे इसमें महज पांच गोवंश के अवशेष हैं। ये सभी जानवरों के अवशेष दो माह से सवा दो साल पुराने है।
तीन अवशेष की जांच में पता चला-धारदार हथियार से काटा है
चिकित्सकों की रिपोर्ट में ये भी साफ हुआ है कि तीन अवशेष की जांच में पता चला है कि उन्हें धारदार हथियार से काटा गया है। हालांकि प्रशासन ये स्पष्ट नहीं कर पा रहा है कि काटे गए जानवर गोवंश है। पूरे मामले में बजरंग दल की शिकायत पर पुलिस जांच कर रही है।
ग्रामीणों ने कटंगी के पास पहाड़ी पर मृत मवेशियों के अवशेष देखे
कलेक्टर दीपक सक्सेना ने पूरे मामले में एसडीएम, एसडीओपी, सीएमओ, तहसीलदार और थाना प्रभारी तथा पशु चिकित्सक से जांच करवाई थी। बता दे कि बुधवार सुबह ग्रामीणों ने कटंगी के पास पहाड़ी पर मृत मवेशियों के अवशेष देखे। यह सूचना गांव में आग की तरह फैली और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए।
संगठनों के कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे और नारेबाजी शुरू कर दी
कुछ देर बाद बजरंग दल व अन्य संगठनों के कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे और नारेबाजी शुरू कर दी। कुछ देर बाद एएसपी ग्रामीण सूर्यकांत शर्मा, टीआइ पूजा उपाध्याय, प्रशासनिक व नगरपालिका अधिकारी, पशु चिकित्सक व पुलिस बल मौके पर पहुंचा। मवेशियों के अवशेष (कंकाल) एकत्र कर पहाड़ी से नीचे लाए गए। जिन्हें पोस्टमार्टम के लिए पशु चिकित्सालय भेजा गया।
ये भी जांच रिपोर्ट में
57 पशु अवशेष के संबंध में प्रथम दृष्टया यह प्रतीत नहीं होता है कि उन्हें मारा गया है। यह साक्ष्य नहीं मिले हैं कि मौक़ा स्थल पर जानवरों को अवैध ढंग से काटा जाता रहा है।
यह साक्ष्य भी नहीं मिले हैं कि तुल्ला बाबा की पहाड़ी में मृत जानवरों को लाकर फेंका जाता रहा है। दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र में पालतू एवं जंगली जानवर विचरण करते हैं।
दुर्घटना या सामान्य मृत्यु होने पर शव वहीं पड़े रहते हैं, जो कालान्तर में अवशेष में परिवर्तित हो जाते हैं। प्रकरण में पुलिस द्वारा अनुसंधान किया जा रहा है. विस्तृत छानबीन और साक्ष्य के आधार पर विधि अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
What do you feel about this post?
Like
Love
Happy
Haha
Sad
