गाजीपुर/जबलपुर। जबलपुर के आर्डिनेंस फैक्ट्री में कार्यरत विज्ञानी अभिषेक कुमार सिंह गाजीपुर के देवल के रहने वाले हैं। 12 जून को अपनी कार से बनारस जाते समय कार गहमर पहुंची तो कार में सवार परिवार के लोगों ने मां कामाख्या धाम देवी के दर्शन की इच्छा जताई। अभिषेक ने टीबी रोड के किनारे कार खड़ी की और दर्शन के लिए चले गए।
दूसरे वाहन की व्यवस्था करके गाजीपुर पहुंचे
परिवार समेत अभिषेक दर्शन करने के दो घंटे बाद लौटे तो कार को नहीं पाकर भौंचक रह गए। अभिषेक ने बताया कि कार दोनों चाबियां उन्ही के पास हैं फिर कार कैसे गायब हो गई? अभिषेक ने गहमर कोतवाली में तहरीर दी और दूसरे वाहन की व्यवस्था करके गाजीपुर पहुंचे। अवकाश के दिन बिताकर जबलपुर लौट आए।
कार को ट्रैक्टर से पुलिस टोचन कर ला रही थी
घटना के 25 दिन बाद गहमर पुलिस को सूचना मिली कि कार गाजीपुर के चौकियां मोड़ के समीप लावारिस हालत में खड़ी है। पुलिस ने पहुंचकर कार को स्टार्ट करने का प्रयास किया, लेकिन नहीं हुई। अभिषेक को सूचना मिली कि उनकी कार गाजीपुर में लावारिस खड़ी पाई गई। गुरुवार को अभिषेक भी गाजीपुर पहुंचे। कार को ट्रैक्टर से पुलिस टोचन कर ला रही थी।
कार में चालक की सीट पर विज्ञानी बैठे थे
कार में चालक की सीट पर विज्ञानी बैठे थे। अचानक करहिया के समीप कार में आग लग गई। किसी तरह अभिषेक ने कूदकर खुद को बचाया। आग लगने की सूचना पाकर जमानियां का अग्निशमन दल पहुंचा, लेकिन कार पूरी तरह से जल चुकी थी। संयोग अच्छा रहा कि कार में मौजूद विज्ञानी ने कूदकर अपनी जान बचा ली। बंद कार में आग लगने से हर कोई हैरान है।
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